Chisel | छैनी क्या है ? छैनी के प्रकार, छैनी के कोण

छैनी (Chisel) –

छैनी का उपयोग धातुओं को छीलने एवं काटने में किया जाता है। इन्हें उच्च कार्बन स्टील (High Carbon Steel) से फोर्ज करके बनाया जाता है तथा इसकी देह (Body) के अनुप्रस्थ परिच्छेद (Cross-section) को आठ पहलू (Octagonal) अथवा छ: पहलू (Hexagonal) में रखा जाता है।

इनके शीर्ष (Striking Head) को 40° से 70° के कोण पर रखा जाता है। छैनी को फोर्जिंग द्वारा बनाने के पश्चात् इसके निचले सिरे को घिसकर कर्तन धार बना ली जाती है।

पर्याप्त चीमड़पन (Toughness) एवं कठोरता (Hardness) प्रदान करने के लिए छैनी की कर्तन धार को कठोर एवं टैम्पर (Temper) कर लिया जाता है। कर्तन धार एवं देह के मध्य वाले भाग को टेपर रखा जाता है।

छैनी के भाग (Parts Of Chisel)-

  1. हैड (Head)
  2. देह (Body)
  3. टेपर भाग (Tapered Part)
  4. कर्तनधार (Cutting Edge)

शीर्ष (Head) छैनी का ऊपर वाला भाग होता है जो चैम्फर (Chamfer) किया होता है। बार-बार चोट लगने से यह फैल जाता है जिसे मशरूम शीर्ष (Mushroom Head) कहते हैं।

ग्राइंड करके ठीक होने के बाद ही प्रयोग में लाना चाहिए। छैनी की देह (Body) को कठोर व टैम्पर नहीं किया जाता है। कर्तन धार के कोण को 35° से 70° तक बनाया जाता है और यह कोण उस धातु के अनुसार रखा जाता है जिस धातु को काटना है।

छैनी के प्रकार (Types Of Chisel) –

धार की आकृति के अनुसार छैनियों का वर्गीकरण (Classification) निम्नलिखित प्रकार से किया जाता है –

गर्म छैनी (Hot Chisel) –

यह छैनी अधिकतर स्मिथि या फोर्जिंग शॉप में प्रयोग की जाती है। इससे गर्म धातु को काटते हैं। इसके बीच में हथौड़े की तरह का एक छेद बना होता है जिसमें हत्था काटते समय इसकी कर्तन धार को पानी से बार-बार ठंडा किया जाता है। इसको टैम्पर (Temper) करने की आवश्यकता नहीं होती।

ठंडी छैनी (Cold Chisel) –

यद्यपि इस प्रकार की छैनी को प्रयोग प्रत्येक शॉप में होता है, परंतु इसका मुख्य प्रयोग फिटिंग शॉप में किया जाता है।

कार्य और आकारों के अनुसार छैनी (According To Shape And Uses Chiesel Types) –

1. चपटी छैनी (Flat Chisel) –

इस छैनी को उच्च कार्बन इस्पात (High Carbon Steel) से फोर्ज करके बनाया जाता है। घिसाई (Grinding) करते समय इसकी कर्तन धार (Cutting Edges) के सिरों पर थोड़ी-सी गोलाई बना दी जाती है जिससे कि धातु की छिलाई (Chipping) करते समय इसका गहरा प्रवेश न हो सके।

इस छैनी की लंबाई 10 से 40 सेमी. तथा कर्तन धार की चौड़ाई (Width) 1.6 से 3.2 सेमी. रखी जाती है। इस छैनी का उपयोग चौड़ी सतहें छीलने एवं धातु की चादरों और अन्य छड़ों को काटने के लिए किया जाता है।

2. क्रॉस कट (Cross Cut) (Cross-cut Chisel) –

इसे कैप छैनी (Cap Chisel) भी कहते हैं जिसकी कर्तन धार (Cutting Edge) की चौड़ाई को ऊपरी देह (Body) से कुछ अधिक रखते हैं जिससे कि धातु को गहराई में काटते समय यह उसमें न फंसे।

इस छैनी की लंबाई 10 से 40 सेमी तथा कर्तन धार की चौड़ाई 0.4 से 1.2 सेमी. रखी जाती है। इस छैनी का उपयोग बड़ी सतहों पर चपटी छैनी से छिलाई (Chipping) करने से पहले खाँचे (Grooves) काटने तथा शाफ्टों (Shafts), पहियों एवं घिरनियों (Pulleys) में चाबी खाँचे (Key Ways) काटने के लिए किया जाता है।

3. हीरक बिंदु छैनी (Diamond Point Chisel)

इस की बॉडी के नीचे के भाग को टेपर एवं तिरछा (Bevel) करके पार (Edge) की आकृति हीरक बिंदु (Diamond Point) बेर समरूप बना ली जाती है। चैनी की लंबाई 10 से 40 सेमी. एवं कर्तन धार की चौड़ाई 0.6 से 1.6 सेमी. रखी जाती है।

इस छैनी का प्रयोग खुरदरी प्लेटों को छलने, वी खाँचे (Vee Grooves) काटने, कोनों (Corners) को तीव्र (Sharp) करने तथा छोटे छिद्रों को वर्गाकार बनाने के लिए किया जाता है।

4. अर्ध-गोलाकार छैनी (Half Round Chisel) –

इस छैनी को बॉडी के निचले वाले भाग को अर्ध-गोल टेपर में कम कर लिया जाता है ताकि किनारे (Edge) पर तिरछा (Bevel) करके वृत्तीय (Circular) कर्तन धार (Cutting Edge) बनाई जा सके। इस छैनी को गोल कोर छैनी (Round Nose Chisel) भी कहते हैं। इसकी लंबाई 15 से 25 सेमी. एवं कर्तन धार (Cutting Edge) की चौड़ाई 0.2 से 1.6 सेमी. रखी जाती है।

इस छैनी का प्रयोग उत्केंद्रक छेदों (Eccentric Holes) को ठीक करके वास्तविक केंद्र पर लाने, बियरिंगों, घिरनियों की बुशों (Bushes) तथा बोसों (Bosses) में तेल मार्गों (Oil Ways) अथवा खाँचों को काटने के लिए किया जाता है। छोटे-छोटे गोल छेदों की सफाई करने के लिए भी इसे उपयोग में लाया जाता है।

5. गऊ-मुख छैनी (Cow Mouth Chisel) –

इस छैनी का शैंक (Shank) गोल खोखला होता है जो कि भीतरी सिरे (Inner Edge) को तिरछा (Bevel) करने पर वक्र कर्तन धार (Curved Cutting Edge) प्रदान करता है। इस प्रकार की छैनी की कर्तन धार गाय के मुँह जैसी होती है।

गऊ-मुख छैनी अथवा गोलची (Gouge) छैनी का प्रयोग धातु चादर को परिधीय (Circumferentially) अथवा गोलाई में काटने के लिए किया जाता है।

6. पाश्र्व कर्तन छैनी (Side Cutting Chisel) –

इस छैनी की देह (Body) से निचले वाले भाग को शँक-अक्ष (Shank-Axis) से थोड़ा-सा एक ओर झुका दिया जाता है और फिर नीचे की ओर ऊर्ध्वाधर (Vertical) रखा जाता है। इसकी कर्तन धार को 6 मिमी. चौड़ा रखा जाता है जो कि अंदर की ओर बैवेल एवं तेज (Sharp) की हुई होती है।

इस छैनी का प्रयोग छिलाई (Chipping) एवं पहले से ही बनाए गए कॉटर मार्गों (Cotter Ways) तथा खाँचों (Grooves) से अतिरिक्त धातु को हटाकर सफाई करने के लिए किया जाता है।

7. वैब छैनी (Web Chisel) –

वैब छैनी का प्रयोग जॉब पर ड्रिल छिद्र बनाने के पश्चात् बीच की धातु को काटने के लिए किया जाता है।

छैनी का विनिर्देश (Chisel Specification) –

यह इसकी लंबाई, कर्तन धार की चौड़ाई एवं आकार के अनुसार किया जाता है जैसे चपटी छैनी 200 x 25 मिमी.। छैनी की कर्तन धार को काटी जाने वाली धातु के अनुसार सही कोण पर ग्राइंड करके बनाया जाता है। छैनी का यही भाग कटिंग करता है जिसके लिए इसे कठोर एवं टैम्पर (Temper) किया जाता है।

तालिका में भारतीय मानक (IS: 402-1964) के अनुसार भिन्न-भिन्न धातुओं को काटने के लिए उपयोगी कर्तन कोण (Cutting Angles) दिखाए गए हैं।

चीजल के कटिंग कोणों (Cutting Angle) की सूची –

क्र.सं. छैनी का प्रकारस्टीलकास्ट ऑयरनकॉपर ब्रासजिंक और एल्यूमीनियम
1. चपटी छैनी (Flat Chisel)70°60°45°35°
2.क्रॉस कट छैनी (Cross Cut Chisel )70°60°45°35°
3.डायमंड पाइंट छैनी (Diamond Point Chisel)60°60°60°60°
4. अर्ध-गोल छैनी (Half Round Chisel) 45°45°45°45°

चिपिंग ऑपरेशन (Chipping Operation) –

चिपिंग वह ऑपरेशन है जिसमें जॉब की सतह से धातु की मोटी परत को चिप्स के रूप में काटा जाता है। साधारणतया चिपिंग करने के लिए छैनी को एक हाथ से पकड़कर धातु की सतह पर लगभग 40° के कोण में रखना चाहिए।

साधारण कार्यों के लिए छैनो का कटिंग कोण 60° का होता है जिससे उसका आधा 30° का होगा। इस प्रकार जय चीजल को सतह पर 40° के कोण में रखेंगे तो कर्तन धार को 10° का क्लीयरेंस (Clearance) मिल जाएगा और 20° के रेक कोण (Rake Angle) पर कटिंग होगी जिससे कार्य आसानी से व सही होगा।

छैनियों के कोण (Angles of Chisel) –

chisel angle

धातु की चिपिंग संक्रिया करते समय विभिन्न प्रकार के कोण बनते हैं जिनका विवरण निम्नलिखित है –

छैनी का कर्तन कोण (Cutting or Point Angle Of Chisel) –

छैनो का उचित कर्तन कोण (Cutting Angle) चिपिंग किए जाने वाले पदार्थ के ऊपर निर्भर करता है। मृदु धातु (Soft Material) के लिए हल्के कोण और कठोर धातुओं हेतु बड़े कोण होने चाहिए। सही कोण और कोण के झुकाव से सही रेक एवं अंतर कोण बनता है।

छैनी का रेक कोण (Rake Angle Of Chisel) –

रेक कोण कर्तन नोक के ऊपर फलक (Upper Surface) एवं कर्तन धार (Cutting Point) की कार्य सतह के लम्ब के मध्य का कोण है।

छैनी का अवकाश कोण (Clearance Angle Of Chisel) –

अवकाश कोण प्राय: प्वाइंट के निचले फलक एवं कर्तन धार (Cutting Point) से शुरू होकर कार्य जॉब से स्पर्श रेखा के बीच का कोण होता है।

जैसे-जैसे अवकाश कोण कम होता है अथवा शून्य होता है। तो वैसे-वैसे रेक कोण बढ़ता है।

जैसे-जैसे अवकाश कोण बढ़ता है तो रेक कोण घटता है। कर्तन धार जॉब में प्रवेश करता है और कर्तन कार्य धीरे-धीरे बढ़ता है।

चिपिंग विधि (Chipping Process) –

चिपिंग निम्नलिखित क्रम को ध्यान में रखकर करनी चाहिए –

  1. जॉब को वाइस के बीच में एक कठोर लकड़ी के टुकड़े का सहारा देकर अच्छी तरह से पकड़ लेना चाहिए।
  2. जॉब के सामने वाले किनारे को फाइल से थोड़ा-सा चैम्फर (Chamfer) कर देना चाहिए जिससे छैनी की कर्तन धार कटिंग करते समय आसानी से जगह ले लेती है।
  3. वाइस के बिल्कुल सामने चिपिंग गार्ड (Chipping guard) लगा देना चाहिए।
  4. चीजल को एक हाथ में पकड़ कर और दूसरे हाथ से हथौड़े को पकड़ कर चिपिंग शुरू करनी चाहिए।
  1. चिपिंग करते समय एक साथ अधिक धातु नहीं काटनी चाहिए और छैनो की कर्तन धार पर तेल लगाते रहना चाहिए। इससे छैनी का टैम्पर (Temper) बना रहेगा और चिपिंग अच्छी होगी।
  2. चिपिंग करते समय छैनी के दूसरे सिरे पर पहुँचने भारी चोट नहीं लगानी चाहिए।

छैनी को ग्राइंड करना (Grinding of Chisel) –

बार-बार प्रयोग में लाने के बाद छैनी की कर्तन धार खराब हो सकती है और उसका शीर्ष (Head) भी फैल सकता है। इसलिए, सही तरीके से अच्छी कटिंग करने के लिए सैनी को ग्राइंड करने की आवश्यकता पड़ती है। सैनी को ग्राइंड करने के लिए, निम्नलिखित बातों को ध्यान रखना चाहिए –

  1. यदि छैनी का शीर्ष (Head) फैल गया हो तो उसे सही आकार में ग्राइंड कर लेना चाहिए।
  2. यदि छैनी की कर्तन धार खराब हो गई हो तो उसे काटी जाने वाली धातु के अनुसार सही कोण में ग्राइंड करना चाहिए।
  3. ग्राइंडिंग करते समय छैनी को अच्छी तरह से पकड़
  4. कर टूल रैस्ट (Tool Rest) का सहारा देकर ग्राइंडिंग करनी चाहिए।
  5. छैनी की कर्तन धार को बिल्कुल सीधा न ग्राइंड करके थोड़ा उन्नतोदर (Convex) में ग्राइंड करना चाहिए।
  6. कर्तन धार को ग्राइंड करते समय अधिक ताकत लगाकर छैनी को नहीं दबाना चाहिए और बार-बार पानी के टैंक में छैनी को डुबो कर ठंडा करते रहना चाहिए जिससे उस पर टैम्पर बना रहेगा।

चीजल को प्रयोग करते सावधानियाँ (Precautions While Using Chisel) –

  1. छैनी से कटिंग करते समय या उसे ग्राइंड करते चश्मा (Goggles) अवश्य लगाना चाहिए।
  2. यदि छैनी का शीर्ष (Head) फैल गया हो तो उसे ग्राइंड करके प्रयोग में लाना चाहिए।
  3. छैनी के शीर्ष (Head) एवं हथौड़े के मुख (Face) पर कोई चिकना पदार्थ नहीं लगा होना चाहिए, वरना हथौड़ा फिसलकर हाथ को चोट पहुँचा सकता है।
  4. छैनी की कर्तन धार (Cutting Edge) को धातु की कठोरता के अनुसार ग्राइंड करना चाहिए।
  5. चिपिंग करते समय चिपिंग गार्ड (Chipping Guard) का प्रयोग करना चाहिए।
  6. हथौड़े का हत्था ढीला नहीं होना चाहिए।
  7. चिपिंग करते समय छैनी की कर्तन धार (Cutting Point) पर देखना चाहिए न कि शीर्ष (Head) पर।
  8. चिपिंग करते समय जॉब को वाइस के बीच में उचित सहारा देकर पकड़ना चाहिए जिससे चिपिंग करते समय जॉब नीचे न फिसल सके।
  9. चिपिंग सदैव चल जबड़े (Movable Jaw) की तरफ से स्थिर जबड़े (Fixed Jaw) की ओर करनी चाहिए।

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