Forging : Types, Operation, Construction Advantages, Forging Tools In Hindi | फोर्जिंग, फॉर्जिंग के प्रकार, फॉर्जिंग ऑपरेशन

Forging : Types, Operation, Construction Advantages, Forging Tools In Hindi | फोर्जिंग, फॉर्जिंग के प्रकार, फॉर्जिंग ऑपरेशन की पूरी जानकारी साझा कर रहा हू आशा करता हूं आप इसे पूरा पढ़ेंगे और अपने इंजिनरिंग मित्रो के साथ साझा भी करेंगे

Forging : Types, Operation, Construction Advantages, Forging Tools In Hindi | फोर्जिंग, फॉर्जिंग के प्रकार, फॉर्जिंग ऑपरेशन

Forging In Hindi | फोर्जिंग किसे कहते है?

लोहारगिरी की कार्यशाला में स्टील (Steel) या रॉट ऑयरन (Wrought iron) को गर्म करके, चोट मारकर या फोर्जिंग मशीन से दबाव (Pressure) देकर विभिन्न आकृतियों में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने की विधि को फोर्जिंग कहते हैं। धातु को प्लास्टिक स्टेज तक गर्म कर लिया जाता है और कम बल पर उसकी आकृति में बदलाव लाया जा सकता है और धातु की अन्दरूनी संरचना में कोई हानि नहीं होती।

पुराने समय में लोहार धातु के टुकड़े को गर्म करके उस पर हैमर से चोट मारकर विशेष आकृति प्रदान करता था। उसी विधि को फोर्जिंग कहते हैं। आधुनिक युग में सुधार करके पावर हैमर, ड्रॉप हैमर या फोर्जिंग मशीन का उपयोग किया जाता I

Types of Forging

फोर्जिंग दो प्रकार की होती है

Hand Forging

इस विधि में जॉब को गर्म करने के बाद संडासी (Tong) की सहायता से एनविल (Anvil) पर रखा जाता है। गर्म जॉब को हैड फोर्जिंग के औजारों (Forging Tools) से विभिन्न संक्रियाओं (Operations) के द्वारा आवश्यक आकार दिया जाता है।

Machine Forging

इस विधि में फोर्जिंग के कार्य पावर हैमर या फोर्जिंग मशीन द्वारा किये जाते हैं। इसमें डाइयाँ प्रयोग की जाती हैं जो दो भागों में बनी होती हैं। डाई का अन्दर का भाग खोखला होता है जिससे बनाये जाने वाले पार्ट की आकृति के अनुसार खाँचा बना होता है। डाई का ऊपरी भाग रिम (Rim) के साथ फिट होता है जबकि नीचे वाला भाग एनविल पर टिका होता है। धातु को गर्म करके डाई के निचले भाग पर सैट करते हैं तथा ऊपर वाला भाग ऊँचाई से गिरकर जॉब को दबा देता है। इस प्रकार जॉब निश्चित आकृति की बन जाती है।

Construction of forge

फोर्ज की बनावट माइल्ड स्टील तथा लोहे के साधारण ऐंगल से बनाई जाती है। इसमें एक आग जलाने के लिए अंगीठी बनाई हुई होती है जो ईंटों (Fire bricks) या चिकनी मिट्टी (Clay) से बनी होती है। ईंधन को जलाने के लिए अंगीठी के नीचे से नोजल (Tuyers) अंगीठी के सम्पर्क में रहती हैं। इन नोजल सम्पर्क (Connection) सीधा एयर ब्लोअर (Air blower) से रहता है। एयर ब्लोअर को आवश्यकतानुसार हाथ से (By hand) या विद्युत मोटर (Electric motor) द्वारा चलाया जाता है। एयर- पाइपों में हवा को नियन्त्रित (Controlling) करने के लिए वाल्व लगे होते हैं। भट्ठी (Forge) के नजदीक एक ठण्डे पानी की टंकी बनी होती है जिससे गर्म औजारों को ठण्डा किया जाता है।

Parts of Forge

Hearth

फोर्ज के जिस मुख्य भाग पर धातु को रखकर गरम किया जाता है उस भाग को हर्थ (Hearth) कहा जाता है। इसे आग की ईंटों (Refractory or firebricks) तथा चिकनी मिट्टी (Clay) द्वारा निर्मित किया जाता है।

Tuyers

इस फोर्ज के भाग को नोजल (Nozzle) भी कहते हैं। तेज हवा ट्यूर्स से होती हुई ईंधन तक जाती है। नोजल को पिघलने से बचाने के लिए इसे रिफरैक्टरी पदार्थों से ऊपर से ढका जाता है।

Cooling Tank

यह फोर्ज की पिछली साइड पर नोजल को ठंडा रखने के लिए बना होता है। इसे ठंडे पानी से भरा जाता है तथा ब्लोअर (Blower) से आ रही हवा इस टैंक से गुजर कर ही नोजल में प्रवेश करती है।

Blower

यह फोर्ज में रखे ईंधन (कोयला या कोक) को जलाने के लिए हवा की पूर्ति करता है। ब्लोअर को हाथों द्वारा या विद्युत मोटर द्वारा चलाया जाता है।

Air Valve

इसका प्रयोग हवा की पूर्ति को रेगुलेट (Regulate) करने के लिए किया जाता है।

Hood & Chimney

फोर्ज के ऊपरी हिस्से को हूड कहते हैं और इसी हुड के ऊपर चिमनी लगती है। इस चिमनी द्वारा धुआँ तथा धूल-कण बाहर निकाले जाते हैं। कोयले द्वारा उत्पन्न धुआँ विषैला होता है, इसलिए भट्ठी ऐसी जगह हो जहाँ हवा आने-जाने (Good ventilation) का प्रबन्ध हो। जहाँ तक संभव हो फोर्ज खुले स्थान में ही होनी चाहिए।

Quenching Tank

फोर्ज के एक साइड पर यह टैंक होता है जिसमें पानी भरा होता है। इसका प्रयोग गर्म जॉब (Working) तथा टूल्स (Tools) को ठंडा करने के लिए करते हैं। इसका प्रयोग ऊष्मा उपचार की विधियों हार्डनिंग तथा टैम्परिंग के लिए भी करते हैं।

Coal Tank

इसमें ईंधन को स्टोर करके रखा जाता है। साधारणतया ठोस ईंधन कोयला, कोक तथा चारकोल ही इस टैंक में रखे जाते हैं। फोर्ज के लिए सबसे उत्तम ईंधन (Best fuel) स्टीम कोयला है। इसमें सल्फर की मात्रा कम होती है। इसलिए इसे स्मिथ का ईंधन (Smith’s fuel) भी कहते हैं।

Protable Forge

इसे हैंड फोर्ज भी कहते हैं। इसे उठाकर कहीं भी रख सकते हैं। यह माइल्ड स्टील की प्लेट से बनाई जाती है। यह चार टाँगों वाले स्टैंड पर. चौकोर या गोल बॉक्स के आकार में बनी होती है। इसमें हवा के लिए हैंड ब्लोअर भी लगा होता है।

Advantages of Forge

  1. इसके द्वारा धातु की अन्दरूनी बनावट (Internal Structure) शुद्ध होती है।
  2. फोर्जिंग द्वारा तैयार पार्टी को मशीन करने में समय कम लगता है।
  3. इसके द्वारा धातु की बर्बादी (Waistage) बहुत कम होती है।
  4. इसके द्वारा धातु के कणों को संरूपण दिशा में बदल कर धातु की नगे मजबूती बढ़ जाती हैं।
  5. इसमें समय कम लगता है, जिससे तैयार पार्ट की कीमत भी कम होती है।

Disadvantages of Forge

  1. जो धातुएं गर्म होने पर भंगुर (Brittle) हो जाती हैं, उनकी फोर्जिंग नहीं की जा सकती।
  2. फोर्जिंग हमेशा धातु के अनुसार उचित तापमान पर ही की जाती है अन्यथा धातु में दरार आ जाती है।
  3. धातुओं के गर्म अवस्था में हवा के सम्पर्क में आने से आक्सीकरण होता है, जिससे धातु की सतह पर आयरन आक्साइड की पतली पपड़ी जम जाती है और धातु की सतह साफ नहीं रहती।
  4. यदि भट्ठी में कोई पार्ट ज्यादा समय तक रह जाये तो वह धातु जल सकती है।

F.A.Q Related to Forge

Q. फोर्जिंग किसे कहते है?

Ans. स्टील और रॉट आयरन को भट्ठी में लाल गर्म करके उसे हैमर द्वारा पीटकर जोड़ने या किसी आवश्यक शक्ल और साइज़ में लाने की क्रिया को फोर्जिंग (Forging) कहते हैं।

Q. ब्लैक स्मिथी किसे कहते है?

Ans. स्टील और रॉट आयरन को भट्ठी में लाल गर्म करके उसे हैमर द्वारा पीटकर जोड़ने या किसी आवश्यक शक्ल और साइज़ में लाने की क्रिया को फोर्जिंग (Forging) कहते हैं। जब यह काम हाथ द्वारा हैण्ड हैमर से किया जाता है तो उसे हैण्ड फोर्जिंग या ब्लैक स्मिथी (Black-Smithy) भी कहते हैं।

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