Scriber| स्क्राइबर | स्क्राइबर के प्रकार , प्रयोग

स्क्राइबर ( SCRIBER )

जिस प्रकार पेंसिल द्वारा कागज पर रेखाएँ खींचते हैं उसी प्रकार धातुओं पर रेखाएँ खींचने के लिए स्क्राइबर्स का प्रयोग किया जाता है। ये प्रायः हाई कार्बन स्टील से बनाए जाते हैं जिनकी नोक (Points) कठोर (Hard) एवं टेंपर (Temper) की हुई होती है। इनके प्वाइंट को 12° से 15° के कोण पर ग्राइंड करके नुकीला बनाया जाता है। इनकी लंबाई 125 से 200 मि.मी. तथा मोटाई 3 से 5 मि.मी. रखी जाती है। आवश्यकता पड़ने पर इनके बिंदुओं को सान पत्थर (Oil Stone) पर घिसकर और नुकीला बना लिया जाता है।

स्क्राइवर के तीन भाग (Parts) होते हैं

  1. Bent Point
  2. Grip
  3. Straight Point

स्क्राइबर द्वारा ट्राई स्क्वायर के सहयोग से सीधी रेखा खींची जाती है।

स्क्राइबर चार प्रकार के होते हैं –

मुड़ा स्क्राइबर (Bent Scriber) –

इस प्रकार के स्क्राइबर का एक सिरा सीधा व नुकीला होता है और दूसरे सिरे को समकोण (90° के कोण) पर मोड़कर नुकीला कर दिया जाता है। इसके सीधे सिरे का उपयोग साधारण रेखाएँ खींचने के लिए किया जाता है तथा मुड़े हुए सिरे का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाता है :

समायोज्य स्लीव स्क्राइबर (Adjustable Sleeve Scriber) –

इस प्रकार के स्क्राइबर में एक स्लीव (Sleeve) होती है जिसकी देह (Body) पर नलिंग की हुई होती है और ता इसकी पूरी लंबाई में एक छेद बना होता है जिसमें साधारण स्क्राइबर को लगाया जा सकता है और इधर-उधर कहीं भी समायोजित किया जा सकता है ।

सीधा स्क्राइबर (Straight Scriber) –

इस प्रकार के स्क्राइबर का एक सिरा नुकीला होता है और इसकी देह सादा (Plain) अथवा नर्ल (Knurl) की हुई होती है । इसका उपयोग साधारण मार्किंग करते समय रेखाएँ खींचने के लिए किया जाता है।

ऑफसेट स्क्राइबर (Offset Scriber) –

ऑफसेट स्क्राइबर को वर्नियर ऊँचाई-गेज के साथ उपयोग किया जाता है जिससे सही मार्किंग की जा सकती है।

सावधानियाँ (Precautions While Using Scriber) –

  1. सही मार्किंग करने के लिए स्क्राइबर की नोंक की धार तेज रखनी चाहिए।
  2. इसकी नोक (Point) को कठोर सतह पर ठोकना नहीं चाहिए।
  3. उपयोग के बाद इसके प्वाइंट पर कार्क आदि लगाकर रखना चाहिए
  4. इसका इस्तेमाल कठोर सतह पर नहीं करना चाहिए।

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