Vapour Absorportion Refrigeration System In Hindi | वाष्प संपीड़न प्रशीतन प्रणाली क्या है?

Vapour Absorportion Refigeration System – यह एक पुराना सिस्टम है। इसका अविष्कार 1824 में माइकल फेराडे ने किया था।

Vapour Absorportion Refrigeration System In Hindi (वाष्प संपीड़न प्रशीतन प्रणाली) –

Vapour Absorportion Refrigeration System (वाष्प संपीड़न प्रशीतन प्रणाली) – इन विधि में हीट एनर्जी का प्रयोग किया जाता है। हीट एनर्जी गैस बर्नर (Gas Burner) मिट्टी का तेल या विद्युत हीटर के द्वारा प्राप्त की जाती है। इस सिस्टम में लो प्रेशर अमोनिया का प्रयोग किया जाता है। इस सिस्टम को मूविंग पार्सल न होने के कारण घरेलु व व्यापरिक कार्यों में इसका प्रयोग किया जाता है।

इस सिस्टम में दो वस्तुऐं मुख्य रूप से उपयोग में लाई जाती है रेफ्रिजिरेन्ट और एब्जोरबेन्ट रेफ्रीजिरेन्ट, अमोनिया मेथिलीन क्लोराइड और पानी होता है। इसी प्रकार एब्जोरबेन्ट को लिथियम, नाइड्रेट लिथियम क्लोराइड व लिथियम ब्रोमाइड के रूप में प्रयोग किया जाता है। पानी को एब्जोरबेन्ट और रेफ्रीजिरेन्ट दोनों में प्रयोग किया जाता है।

एब्जोपर्शन सिस्टम में रेफ्रीजिरेन्ट एब्जोरबेन्ट में अधिक घुलन शील होता है। एवैपोरेटर और एब्जोरबेन्ट इन्टर कनेक्टेड होते है। इसलिये एवैपोरेटर में रेफ्रिजिरेन्ट वेपर रूप में एब्जोर्बर के द्वारा शोषित होता है जिससे रेफ्रिजिरेशन प्राप्त करने में द्रव रेफ्रीजिरेन्ट के लगातार वेपोराइजेशन के लिये आवश्यक लो लेविल पर एवैपोरेटर में रेफ्रिजिरेन्ट वेपर प्रेशर बना रहता है।

एब्जॉबैन्ट से रेफ्रिजिरेन्ट दुबारा प्राप्त करने के लिये एब्जोरबर से जेनरेटर की ओर पम्प होती है जहाँ यह गर्म पानी से गर्म किया जाता है। घरेलू रेफ्रिजिरेटर में इलैक्ट्रीक हीटर या कैरोसीन आयल का इस्तेमाल किया जाता है। एब्जोरबेन्ट गर्मी लेकर रेफ्रीजिरेन्ट वेपर ज्यादा प्रेशर व ज्यादा तापमान के समान छोड़ देता है जो कि कन्डेसर में जाकर द्रव (Liquid) बन जाता है। इस प्रकार साईकल पूरा हो जाता है।

Vapour Absorportion Refrigeration System

Parts Of Vapour Absorption System (वेपर एब्जोपर्शन सिस्टम के पार्टस) –

वेपर एब्जोपर्शन सिस्टम के निम्नलिखित पार्टस होते है –

  1. Generator (जनरेटर)
  2. Rectifier रेक्टिफायर
  3. Condenser कंडेंसर
  4. Absorber (एब्जॉर्बर)
  5. Expansion Valve (एक्सपेंशन वाल्व)
  6. Pump (पम्प)
  7. Heat Exchanger (हीट ऐक्सचेंजर)
  8. Pressure Reduction Valve (प्रैशर रिडक्शन वाल्व)
  9. Air Expansion Rerigeration (एयर एक्सपेंशन रेफ्रिजरेशन)

जेनरेटर (Generator) –

जेनरेटर में एक हॉरिजांटल शैल होता है जिसमें एक स्थिर स्तर तक अमोनिया के घोल को बनाए रखा जाता है। अमोनिया घोल को गर्म किया जाता है। ताप ऊर्जा बाहर से दी जाती है। कॉयलों में स्टीम (जिसे गैस बर्नरों द्वारा उत्पन्न किया जाता है) गुजारने या फिर इलेक्ट्रिक होटरों द्वारा किया जाता है।

रेक्टिफायर (Rectifier) –

रेक्टिफायर का कार्य अमोनिया की भाप को ठंडा करना होता है। इसमें भाप पानी बन जाती है और केवल सूखी अमोनिया ही कंडेन्सर में जाती है। रेक्टिफायर को एनालाइजर और कंडेंसर के बीच फिट किया जाता है और यह प्रायः वाटर कूल्ड होता है। यह शैल-और ट्यूब टाइप, शैल-और-क्वायल टाइप या डबल-ट्यूब टाइप वाला हो सकता है। रेक्टिफायर में तापमान को इस प्रकार बनाए रखा जाता है कि अमोनिया की भाप पर्याप्त सूखी रहे।

कंडेंसर (Condenser) –

कंडेंसर का उद्देश्य अमोनिया भाँप को कंडेन्स करना होता है। यह कंडेंसर (जिसे हवा या पानी से ठण्डा किया जाता है) में अमोनिया के ताप को कूलिंग मीडियम में छोड़ने से होता है। कंडेंसर को प्राय: सिस्टम के टॉप पर स्थापित किया जाता है जिससे ग्रेविटी के द्वारा इवैपोरेटर में लिक्विड अमोनिया बह सके।

एब्जॉर्बर (Absorber) –

सिस्टम में एब्जॉर्बर को ऐसे लगाया जाता है कि अमोनिया का कमजोर घोल और पानी जेनरेटर से इसमें ग्रेविटी के अन्तर्गत बह सके। इवैपोरेटर से अमोनिया भाँप भी एब्जॉर्बर में आती हैं। इस प्रकार अमोनिया के कमजोर घोल में अमोनिया भाँप घुल जाती हैं जहाँ अमोनिया का कंसन्ट्रेशन चढ़ जाता है। एब्जॉर्बर और जेनरेटर के बीच लगे हुए एक हीट ऐक्सचेंजर से होते हुए जेनरेटर में अमोनिया के स्ट्राँग घोल को एक बार फिर पम्प किया जाता है।

एक्सपेंशन वाल्व (Expansion Valve) –

यह रिसीवर से इवैपोरेटर की ओर जाने वाले अमोनिया द्रव का प्रैशर कम करने के लिए प्रयोग किया जाता है। कुछ उपकरणों में एक्सपैन्शन वाल्व, कण्डैन्सर वा इवैपोरेटर के बीच लगाया जाता है, जबकि कुछ में इसका प्रयोग नहीं किया जाता है और हाइड्रोजन गैस का प्रयोग अमोनिया गैस का प्रेशर कम करने के लिए करते हैं।

पम्प (Pump) –

अमोनिया व पानी के मिश्रण को एब्जार्बर से जेनरेटर की ओर उठाने के लिए पम्प का प्रयोग करते हैं इसके लिए सेन्ट्रीफ्यूगल टाइप पम्प का प्रयोग किया जाता है। यह सिस्टम के हाई साइड के बीच प्रेशर का अन्तर भी रखता है।

हीट एक्सचेंजर (Heat Exchanger) –

यह हीट एक्सचेंजर द्रव लाइन (Liquid Line) में लगा होता है। यह दृढ़ द्रव और कमजोर द्रव के बीच लगा होता है। इसके प्रयोग से दृढ़ द्रव का तापमान घट जाता है, जबकि कमजोर द्रव का तापमान बढ़ जाता है। यह आमतौर पर फिन टाइप और क्वायल टाइप होता है। यह गर्मी को अधिक तापमान से कम तापमान की ओर भेजता है।

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